लाखों की धोखाधड़ी के मामले में आंध्रप्रदेश से फरार चल रहा आरोपी क्राईम ब्रांच के हत्थे चढ़ा

शेयर बाजार में निवेश करने के नाम पर सलाहकार बन, ग्राहकों से निजी खातों में रूपये जमा कराता था आरोपी, प्राप्त राशि का निवेश की बजाय स्वयं करता था उपभोग।

Amaltas

इंदौर। पुलिस उपमहानिरीक्षक हरिनारायणाचारी मिश्र इंदौर (शहर) द्वारा लोगों के साथ ठगी व धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों की पतारसी कर उनकी धरपकड हेतु इंदौर पुलिस को निर्देशित किया गया था उक्त निर्देशो के तारत्मय मे पुलिस अधीक्षक मुख्यालय इंदौर मोम्मद युसुफ कुरैशी के निर्देशन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम ब्रांच अमरेन्द्र सिंह द्वारा क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम को इस दिशा मे प्रभावी कार्यवाही करने हेतु समुचित दिशा निर्देश दिये गये थे।

क्राईम ब्रांच इंदौर की टीम को आंध्र प्रदेश राज्य के थाना पालकोल जिला वेस्ट गोदावरी की पुलिस टीम से सूचना प्राप्त हुई थी कि आंध्र प्रदेश प्रांत मे ठगी करने वाला थाना पलकोल जिला वेस्ट गोदावरी आंध्र प्रदेश के अपराध क्रमांक 154/18 धारा 420, 506, 34 भादवि में फरार आरोपी इंदौर शहर में ही छुपकर कहीं रह रहा है, जिसकी थाना क्राईम ब्रांच की टीम द्वारा पतासाजी शुरू की गई। थाना पालकोल, आंध्रप्रदेश पुलिस टीम द्वारा बताये गये हुलिये के आधार पर उपरोक्त फरार व्यक्ति की तलाश करते पुलिस टीम को आरोपी के हुलिये के समान एक व्यक्ति थाना विजयनगर क्षेत्र में दिखा जिसे संदेह के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस टीम ने धरबदोचा पकड़े गये संदेही व्यक्ति ने पुलिस टीम को पूछताछ में अपना नाम संदीप पिता नारायण जी गुप्ता निवासी शहडोल का होना बताया।

आरोपी ने बताया कि वह मूलतः शहडोल का रहने वाला है जोकि एक्सिस सिक्योरिटीज धंत ट्रेडेंट विजयनगर मे पर्सनल लोन विभाग मे काम करता है। आरोपी ने बताया कि वह स्नातक पास है। आरोपी वर्ष 2014 मे इंदौर आया था यहां पर उसने कंपनी मार्केट मेगनीफाई खातीवाला टेंक इंदौर में काम करना शुरू किया इसके बाद वर्ष 2016 मे सिक्योर इंवेस्टर्स पी यू फोर एंबे में नौकरी की जिसमे वह सेल्स एक्जीक्यूटिव के पद पर शेयर एडवाईजरी का काम करता था बाद वह वर्ष 2017 में मनी डिजायर रिसर्च मे फ्लोर मेनेजर के पद पर काम करने लगा जिसके मेनेजर संतोष श्रीनिवास शर्मा थे जो ब्रांच हेड थे जिनके अधीनस्थ आरोपी काम करता था। संतोष व संदीप ग्राहकों को निवेश हेतु बतौर सलाहकार काम करते थे जोकि अपने निजी खाते में निवेश किये जाने हेतु ग्राहकों से राशि जमा कराकर उसका स्वयं उपभोग करते थे तथा ग्राहकों की राशि की ठगी कर उनको इस प्रकार चूना लगाते थे। संदीप द्वारा आंध्रप्रदेश के व्यक्ति कैलासाई किशोर वेकंट सुब्रमण्यम से रूपयों को शेयर बाजार में निवेष करने के बहाने स्वयं के बैंक खाते में लाखों रुपयों को जमा कराया तथा इस प्रकार फरियादी के साथ जालसाजी तथा छलपकट से लाखों रूपये की धोखाधङी कारित की।

आरोपी संदीप के साथी संतोष द्वारा भी आरोपी का खाता रूपयों के विनिमय के लिये उपयोग में लाया गया कि रूपयों का संवितरण तथा विनिमय मनी डिजायर रिसर्च कंपनी से संबंधित था। क्राईम ब्रांच इंदौर द्वारा उक्त फरार आरोपी को पकङकर थाना पलकोल जिला वेस्ट गोदावरी, आंध्र प्रदेश के अपराध क्रमांक 154/18 धारा 420, 506, 34 भादवि मे अग्रिम कार्यवाही हेतु थाना आंध्र प्रदेश की पुलिस के सुपुर्द किया गया, जिससे विस्तृत पूछताछ जारी है ।

संपादक

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