तालाब सूखा… होज खाली, प्यास से व्याकुल मवेशी जाएं कहां

नगर पंचायत की लापरवाही मवेशियों पर पड़ रही भारी…

अब अस्थाई हौज रखने की कर रहे हैं बात…

Amaltas

कमल गर्ग \’राही\’
कन्नौद। नगर में मवेशियों के पानी पीने के लिए एकमात्र साधन यहां का तालाब है जो इस बार कम बारिश के चलते सूखा पड़ा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जो हौज है जहां मवेशी अपनी व्यास बुझा सकते थे, उसे भी नगर पंचायत ने ऊंचाई बढ़ाने के नाम पर वहां मुंह में डाल दी। ऊंचाई बढ़ाने का काम अगर करते हैं तू भी 1 सप्ताह लग जाएगा ऐसे में 1 सप्ताह के लिए पीने के पानी को लेकर मवेशियों की तो शामत आ जाएगी। अब नगर में यह बात चर्चा का विषय बन गई है कि तालाब सूखा और हॉज खाली अब आशीष पीने के पानी के लिए मवेशी जाएं तो कहां जाएं। इस मामले में जिम्मेदार अब अस्थाई हौज रखने की बात कर रहे हैं।

इस बार बारिश कम होने से नगर का तालाब सूखा पड़ा है वहीं थाने के सामने मवेशियों के पानी पीने की होज सडक व आसपास के निर्माण कार्य के कारण काफी नीचे हो गई। जिसके कारण मवेशियों को पानी पीने में काफी असुविधा होती, इस कारण मार्च के अन्तिम समय तक नप ने उसमें पानी नहीं भरा। होंज व तालाब मे पानी नही होने से मवेशियों को पानी की तलाश मे इधर उधर भटकना पड रहा है। नगर पंचायत को यह पता है कि पानी की होज की ऊंचाई बढानी पडेगी तो समय रहते उसकी ऊंचाई क्यों नहीं बढाई गई? अब जब गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए है ,तब कहीं जाकर नप ने पानी की होज की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य शुरू किया है। जिसमें अभी सिर्फ मुरम ही डाली गयी है। जिसे तैयार होने मे एक सप्ताह लग सकता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नपं CMO अनिल जोशी ने इस सम्बंध मे कहा कि होज का निर्माण कार्य होने तक सीमेंट की बनी असथाई होज वहां लाकर रख दी जायेगी, वहीं नप अध्यक्ष दीपक अग्रवाल ने कहा कि एक दो दिन मे पानी की होज चालू हो जायेगी।

संपादक

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2 thoughts on “तालाब सूखा… होज खाली, प्यास से व्याकुल मवेशी जाएं कहां”

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