सागवान की लकड़ी तस्करी पिकअप वाहन सहित मालिक धराया
खातेगांव मनोरा मार्ग का मामला
अनिल उपाध्याय

खातेगांव। वन कर्मी लाख दावा करे की जंगलों में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है! लेकिन जंगलों में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है, इसका जीता जागता उदाहरण खातेगांव मनोरा मार्ग पर बीती रात सागौन की लकड़ी तस्करी का मामला सामने आने के बाद यह बात स्पष्ट हो गई कि जंगल माफिया अभी भी जंगल में सक्रिय हे! वह तो गश्त के दौरान वन कर्मियों की नजर में आ गये, ! और लकड़ी की तस्करी करते वाहन सहित धरा गए वन विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर जंगलों में वन कर्मियों द्वारा टीम बनाकर रात्रि गश्त की जाती है प्रतिदिन की तरह रात्रि गश्त के दौरान खातेगांव से मनोरा मार्ग पर
वन कर्मियों को एक संदिग्ध वाहन नजर आया, जब वाहन की जांच की गई तो उसमें .13 नग सागवान कीमत दस हजार दो सो सात रुपए परिवहन करते पिकअप वाहन क्रमांक एम, पी, 05. एल, ए, 0499 को जप्त कर वाहन मालिक व्दारका प्रसाद को मोके से हिरासत मे लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि जप्त लकड़ी उसने चांदला खेड़ा से भरी है जिसे राम बगस ने भरवाई थी!
उल्लेखनीय है कि वन मंडल अधिकारी देवास पीएम मिश्रा एवं उप वन मंडल अधिकारी कन्नौद एस एल यादव के मार्गदर्शन में खातेगांव से मनोरा पर वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेश सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में वनरक्षक द्वारका प्रसाद शर्मा कुलदीप शर्मा तथा गौरव तिवारी ने घेराबंदी कर उक्त वान को हिरासत में लिया था वन परिक्षेत्र अधिकारी खातेगांव राजेश सिरसोदिया के मुताबिक पूर्व में भी वाहन मालिक द्वारका प्रसाद का वाहन जप्त किया गया था जिसे राजसात किया जा चुका है।
