अमलतास यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में नेताओं के संदेश—“व्यवहार से ही आधा ठीक होता है मरीज”

देवास | बांगर स्थित अमलतास विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह इस बार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह युवा डॉक्टरों के लिए “सेवा और जिम्मेदारी” का संदेश लेकर आया। मंच से जब केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री ने संबोधित किया, तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।
सफेद कोट पहने सैकड़ों छात्र-छात्राएं, उनके चेहरे पर सफलता की चमक और माता-पिता की आंखों में गर्व—पूरा माहौल भावुक और उत्साहित नजर आया।

“डिग्री के साथ सेवा का भाव भी लेकर जाएं”
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने मंच से कहा कि यह सिर्फ डिग्री मिलने का दिन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की शुरुआत है। उन्होंने के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया है और भारत अब इलाज के लिए विदेशी मरीजों की पसंद बन रहा है।
उन्होंने छात्रों को संदेश दिया—
– “आपका व्यवहार ही मरीज को आधा स्वस्थ कर सकता है”
– “सेवा, समर्पण और संस्कार ही असली पहचान बनाएंगे”
“चिकित्सा सेवा = ईश्वर की सेवा”
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सीधे छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि डॉक्टर सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि विश्वास का दूसरा नाम है।
उन्होंने कहा—
– “जब मरीज डॉक्टर के पास आता है, तो उसे भगवान जैसा भरोसा होता है”
– “आपका व्यवहार ही आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगा”
भावुक पल: जब माता-पिता की आंखें हुई नम
दीक्षांत समारोह के दौरान सबसे खास पल वह रहा, जब छात्रों को डिग्री और मेडल दिए गए। जैसे ही मंच से नाम पुकारे गए, परिवारजन खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए। कई माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू भी दिखे।
अमलतास यूनिवर्सिटी की बढ़ती पहचान
मंच से बताया गया कि 2016 में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज से अब तक 1000 से ज्यादा डॉक्टर निकल चुके हैं। आज यह विश्वविद्यालय प्रदेश में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है और इंदौर सहित आसपास के जिलों से भी मरीज इलाज के लिए यहां पहुंच रहे हैं।
नशा मुक्ति का संदेश भी गूंजा
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति को लेकर भी जोर दिया गया। छात्रों और उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई कि वे समाज को नशामुक्त बनाने में योगदान देंगे।

