फलाहारी बाबा के त्याग, तपस्या का परिणाम है महायज्ञ व मैले का विशाल आयोजन-मुकुन्दमुनि जी

जटाशंकर मे हुई यज्ञ की पूर्णाहुति,भण्डारे मे पहुचे हजारो श्रद्धालु

सोमेश उपाध्याय.
बागली। प्रसिद्ध जटाशंकर तीर्थ पर ब्रह्मलीन सन्त श्री केशवदास जी महात्यागी फलाहारी बाबा की प्रेरणास्वरुप महाशिवरात्रि पर्व के अंतर्गत चल रहे शिवशक्ति महायज्ञ की पूर्णाहुति यज्ञाचार्य मुकुन्दमुनि पं श्री रामाधार द्विवेदी के आचार्यत्व मे उपद्रष्टा पं मुरलीधर शर्मा,ब्रह्मा पं चन्द्रशेखर जोशी,पं मुकेश शर्मा सहित पीठम के 51 ब्राह्मण विद्वान बटुुको द्वारा तीर्थ महंत श्री बद्रीदास जी खाकी के सानिध्य मे 16 यजमान दम्पतियों द्वारा सम्पन्न हुई। इस दौरान मुकुन्दमुनि प.द्विवेदी ने कहा की यज्ञ से तेजस्विता, प्रखरता, परमार्थ-परायणता एवं उत्कृष्टता का प्रशिक्षण मिलता है।दुनिया का सबसे बड़ा दान अगर कुछ है तो वह है अन्नदान।फलाहारी बाबा ने क्षेत्र में भण्डारे की अवधारणा प्रदान की।जटाशंकर के साथ बाबा का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित किया जाएगा।उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव सेवा को समर्पित किया।महन्त बद्रीदास जी महाराज ने कहा कि भण्डारे मे शरीर के साथ-साथ आत्मा भी तृप्त होती है।इसका महात्म्य हमारे पुराणों मे भी वर्णित है।हमारे गुरुदेव व तीर्थ के संस्थापक ब्रह्मलीन सन्त श्री केशवदास जी त्यागी (फलाहारी बाबा)ने तो अपना पूरा जीवन विश्वकल्याणार्थ यज्ञ व अन्नदान हेतु समर्पित कर दिया था। वहीं ढाबला से आए प्रसिद्ध मानसमर्मज्ञ प.कैलाशनारायण व्यास ने भी मानस के प्रवचन और भक्ति पूर्ण गीतों से समूचे प्रवचन पंडाल में भक्ति रस प्रवाहित कर अगले वर्ष तक कथा का विश्राम किया।समिति द्वारा प.व्यास का शाल श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। पूर्णाहुति के पूर्व वसोधारा व भव्य कलश यात्रा निकली गई जिसमे बैंड-बाजो व खाकी अखाड़े के निसान के साथ महंत श्री बद्रीदास जी खाकी की अगुआई मे निकला।दहीबेड़ा (निमाड़) से पधारे महंत श्री गोविन्द दास जी खाकी, खाकी,महन्त अर्जुनदास जी खाकी(गुजरात),महन्त भगवत दासजी,निर्मोही(उज्जैन),रामस्वरूप दास जी निर्मोही,उज्जैन,सुदामा दास जी उज्जैन,भगवान दासजी,मनहोहनदासजी मोनी बाबा,जावरा,गंगादास जी,लोहरदा,प्रेमदासजी(देवास),दशरथ दास जी,अयोध्या,धामनोद से महंत अमरदास जी खाकी,समेत अयोध्या,राजस्थान,महाराष्ट्र समेत विभिन्न स्थानों के सन्त महंतो व श्रद्धालुओ ने भाग लिया।यात्रा मे खाकी अखाड़े के पहलवानो द्वारा हैरत-अंगेज करतब दिखाए गए। व जटाशंकर स्थित हनुमान मन्दिर से होते हुए फलाहारी बाबा की समाधि स्थल पहुची जहा पूजा अर्चना के बाद यज्ञशाला स्थल पर समापन हुआ। जहा आरती के बाद भव्य भण्डारा प्रारम्भ हुआ जो देर रात तक चला,जिसमे आसपास के सेकड़ो गाँवो के करीब सवा लाख श्रधालुओ ने भाग लिया।वही शुक्रवार को मेले का अंतिम दिन होने के कारण सुबह से ही रौनक आने लगी और दोपहर बाद में मेले में आस-पास के गांव से ग्रामीण ट्रैक्टर, जीपों, दुपहिया वाहनों से आने लगे। शाम होते-होते मेला अपने पूरे परवान पर नजर आया। मेले में दूर-दराज से आए हुए ग्रामीणों ने भगवान के दर्शन कर सुखमय जीवन का वरदान मांगा।वहीं मनोरंजन के लिए झूले और सर्कस का लोगो ने जमकर लुत्फ उठाया।
मेला परिसर में हवाई झूले के साथ लगे अन्य झूलाें का महिलाएं और बच्चो ने सर्वाधिक आनंद उठाया। वहीं मेले में पहली बार आकर्षण का केंद्र बने प्रसिद्ध सर्कस में भी दर्शकाें की भीड़ उमड़ी। मेले में लोग मनमर्जी से रात तक खरीदारी में व्यस्त दिखे । वहीं खेल तमाशाें का भी लोग लुत्फ उठाने से नहीं चूकते हैं।
आयोजन मे जटाशंकर सेवा समीति व बाबा रामदेव ग्रुप व भण्डारे मे चापड़ा के जय शिव सेवा समिति की महिलाए व करनावद की कर्णेश्वर समीति के युवाओ सहित सेकड़ो ग्रामो के श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।खास बात यह रही की तीर्थ से जुड़े अनेको परिवार की तीन से चार पीढ़ी एक साथ काम करते दिखी।मेले मे बच्चों ने खिलोनो मे व बड़ो का जलेबी के प्रति अधिक रुझान रहा,झुलो पर भी काफी भीड़ रही।बागली की महिला समितियो की स्वनिर्मित चूड़ियों की भरमार दिखी।समाज प्रगति सहयोग की जटाशंकर स्वच्छ्ता समिति ने पूरे समय मैले व मंदिर परिसर की स्वछता में अपना विशेष सहयोग प्रदान किया। सुरक्षा के मद्देनजर एस डि ओ पी बीएल सिसौदिया के निर्देशन मे पुलिस बल तैनात रहा।

Rai Singh Sendhav

संपादक

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