अवैध लकड़ी परिवहन पर सवाल

सोनकच्छ, टोंकखुर्द और पीपलरांवा क्षेत्र में सक्रिय माफिया, SDO की अनुपस्थिति पर उठे प्रश्न

Amaltas

देवास। जिले के सोनकच्छ, टोंकखुर्द और पीपलरांवा क्षेत्र से अवैध लकड़ी परिवहन की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ती जा रही है, जिससे लकड़ी माफिया के हौसले बुलंद हैं।

सूत्रों के मुताबिक, देवास SDO विकास मोहरे की मुख्यालय पर नियमित उपस्थिति नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि उनके पास कन्नौद का अतिरिक्त प्रभार भी है और वे अधिकांश समय वहीं व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में देवास क्षेत्र में मॉनिटरिंग प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले छह माह से अधिक समय से चार्ज होने के बावजूद SDO की देवास मुख्यालय में उपस्थिति बेहद कम रही है। जब पत्रकारों के फोन तक रिसीव नहीं हो रहे, तो आम शिकायतकर्ता अपनी बात कैसे रख पाएगा — यह सवाल भी उठ रहा है।

जिम्मेदारी पर उठे सवाल

  • क्या अतिरिक्त प्रभार के चलते देवास क्षेत्र की निगरानी प्रभावित हो रही है?
  • क्या अवैध लकड़ी परिवहन पर समय रहते कार्रवाई हो पा रही है?
  • क्या मुख्यालय पर फुल-टाइम अधिकारी की आवश्यकता है?

जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन से स्पष्ट जवाब और ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

संपादक

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