पुष्पकुंज में 50 वर्षीय महिला के घर हुकुमसिंह सोलंकी का आना जाना था….
महिला के बेटे ने पांच साथियों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया….

देवास कोतवाली पुलिस ने गुमशुदा बैंक नोट प्रेस से 3 वर्ष पहले रिटायर हुए हुकुमसिंह सोलंकी की हत्या का खुलासा कर दिया है। हुकुम सिंह की हत्या का कारण एक जमीन विवाद से जुड़ा है। जिसके चलते योजनाबद्ध तरीके से हुकुम सिंह का अपहरण कर कार में पटक लिया गया और कार में ही गमछे से गला घोट कर हत्या कर दी गई। बाद में उसकी लाश को सिया घाट के जंगल में 300 फीट गहरी खाई में उसकी मोटरसाइकिल सहित फेंक कर इस वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। जैसा कहा जाता है अपराधी चाहे जितना शातिर हो लेकिन घटनास्थल पर कोई ना कोई सुबूत छोड़ ही देता है इस मामले में भी ऐसा ही हुआ और कानून के हाथ अपराधियों के गिरेबान तक जा पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों बताते हैं हुकुम सिंह के रामकन्या पति कालू सिंह के साथ अवैध संबंध थे। रामकन्या बाई को करीब 26 साल पहले उसके पति कालू सिंह ने छोड़ दिया था। वर्ष 1994 में हुकुम सिंह ने रामकन्या बाई को देवास की पुष्प कुंज कॉलोनी में एक मकान दिलाया था जहां वह तभी से रह रही है। रामकन्या बाई के दो बच्चे थे जो शुरू से ही पिता कालू राम के साथ रहते थे। इन दो बच्चों में एक रवि और एक बेटी थी। छह- सात साल पहले कालू सिंह की मौत हो गई। तब कालू सिंह की पैतृक जमीन जो 14 बीघा थी उसमें से आधी जमीन रामकन्या के नाम हो गई, इस जमीन पर रवि का कब्जा था और वही खेती करता था। रामकन्या तो अशिक्षित है, किंतु उस जमीन के लिए हुकुम सिंह प्रयासरत था कि वह जमीन रामकन्या को हासिल हो जाए। इसे लेकर राजस्व में भी मामला विचाराधीन होना बताया जा रहा है। हुकुम सिंह रामकन्या के हिस्से की जमीन उसे दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के साथ सारी दौड़-धूप करता था और हुकुम सिंह का प्रभाव भी था। बस यही वजह हुई कि रवि ने हुकुम सिंह को रास्ते से हटाने की ठान ली। रवि ने हुकुम सिंह को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या करने की योजना बनाई और हुकुम सिंह की रैकी की। उसके बाद घटना वाले दिन देवास के उज्जैन रोड ब्रिज पर अपनी लाल कार लेकर साथियों के साथ पहुंचा। 20 अगस्त की रात करीब 10:00 बजे जब हुकुम सिंह अपनी मोटरसाइकिल से आ रहा था तब उसे रोककर कार में पटक लिया और गमछे से गला घोट कर कार में ही हुकम सिंह की हत्या कर दी। कहीं कार का नंबर ट्रेस ना हो जाए और पकड़े ना जाएं इस डर से रास्ते में आरोपियों ने कार बदल दी और दूसरी कार में हुकम सिंह की लाश लेकर सिया घाट पहुंचे और वहां करीब 300 फीट गहरी खाई में लाश को फेंक दिया। रवि का एक साथी हुकम सिंह की मोटरसाइकिल चलाकर पीछे पीछे आया था। उसी खाई में मोटरसाइकिल और हत्या में प्रयुक्त गमछा भी फेंक दिया जो बाद में पुलिस ने जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ शिवदयाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि 20 अगस्त से हुकुम सिंह घर से गायब था और 21 अगस्त को जिसकी गुमशुदगी हुकुम सिंह के बेटे नरेंद्र ने दर्ज कराई थी उसकी लाश कुछ घंटों बाद पाई गई थी। प्रारंभिक जानकारी में ही पुलिस को पता चल गया था की हुकुम सिंह का रामकन्या बाई के यहां आना जाना था, पुलिस इस एंगल को लेकर भी अपनी जांच कर रही थी। वही पुलिस को घटनास्थल से भी आरोपियों के कुछ साक्ष्य मिले तो पुलिस ने रवि देवड़ा को राउंडअप कर पूछताछ की उसके बाद सारा मामला सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले में रवि पिता कालूराम गजराज पिता बाबूलाल अनिल पिता रमेश परिहार आशीष पिता मांगीलाल सुनील पिता नारायण और शुभम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दोनों कारें बी जप्त कर ली हैं। कोतवाली थाना प्रभारी महेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।

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