देवास विकास प्राधिकरण सुपर मिनी कॉरिडोर सहित कई प्रोजेक्ट को मूर्त रूप देने की तैयारी में

लैंड पोलिंग के जरिए शहर के विकास को देगा नई दिशा…
प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए…

Rai Singh Sendhav

देवास। लंबे समय से सुप्त अवस्था में पड़े देवास विकास प्राधिकरण के सीईओ का चार्ज नगरनिगम कमिश्नर विशाल सिंह के लेने के बाद एक बार फिर डीडीए में नई जान फूंकने की कोशिश शुरू हो गई है। प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में देवास शहर के विकास को लेकर कई प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। उज्जैन रोड से वीरा खेड़ी रेलवे लाइन तक सुपर मिनी कॉरिडोर की 286 करोड़ की योजना सहित कई प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। देवास विकास प्राधिकरण अब लैंड पोलिंग के जरिए शहर में मास्टर प्लान के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर चुका है। अनुमान है कि शासन की मंजूरी के बाद सुपर मिनी कॉरिडोर सहित कई प्रोजेक्ट शुरू हो जाएंगे।

यह बात देवास विकास प्राधिकरण के प्रभारी सीईओ विशाल सिंह ने पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिनमें सबसे अहम और बड़ी योजना उज्जैन रोड से वीरा खेड़ी रेलवे लाइन तक सुपर मिनी कॉरिडोर की है। 286 करोड़ की इस योजना में करीब साडे 6 किलोमीटर का 45 मीटर चौड़ा सुपर मिनी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसके तैयार होने से देवास शहर के विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही लैंड पोलिंग के जरिए प्राइवेट कॉलोनी की तर्ज पर सर्व सुविधा युक्त आवासीय प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं।

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आपको बता दें पूर्व में देवास विकास प्राधिकरण जमीन एक्वायर कर कॉलोनी तैयार करता था किंतु अब लैंड पोलिंग के जरिए कालोनियां विकसित करेगा। जिसमें जमीनों को एक्वायर करने की बजाए किसी भी जमीन मालिक की जमीन का डेवलपमेंट कर करीब 50 प्रतिशत जमीन मालिक को लौटाएगा और 20% जमीन पर प्लाट या मकान डेवलप कर खुद DDA सेल करेगा। शहर के दीनदयाल उपाध्याय नगर में कई प्लाट/ मकान है, जो अभी तक बिके नहीं है। इसे दृष्टिगत रखते हुए दीनदयाल उपाध्याय नगर को भी प्राइवेट कॉलोनी की तर्ज पर विकसित कर प्लॉट/ मकान बेचे जाएंगे।
श्री सिंह के मुताबिक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की जमीन पर कमर्शियल काम्प्लेक्स की योजना भी बनकर तैयार है, जिसे मूर्त रूप देने की तैयारी की जा रही है। वही सिविल लाइन रोड पर प्राधिकरण की प्रॉपर्टी के कुछ जीर्ण-सिर्ण मकानों को तोड़कर वहां भी कमर्शियल सह आवासीय कांप्लेक्स बनाने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि करीब 7 करोड़ की वह प्रॉपर्टी जो अभी तक  बिकी नहीं है, उसे  बेचने के लिए  विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में ट्रांसपोर्ट नगर और एमआर रोड को लेकर भी बात हुई है। साथ ही प्राधिकरण के कर्मचारियों को सातवें वेतनमान आयोग की स्वीकृति भी दी गई।

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