भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की की अपील
अनिल उपाध्याय
खातेगांव। इस बार भीषण गर्मी के चलते नदी नालों के सूख जाने के कारण जंगली जानवरों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है! ऐसी स्थिति में जंगलों में रहने वाले जंगली जानवर पानी की तलाश में नर्मदा के तट से लगे गांवो की ओर पलायना करने लगे हैं !इससे नर्मदा तट से लगे ग्रामों के ग्रामीणों में वन प्राणियों की उपस्थिति से दहशत देखी जा रही है! बताया जाता है कि बीते 3 दिनों से भालू की उपस्थिति के बाद वन विभाग ने जहां ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है ! वही वन विभाग की रेस्क्यू टीम भालू को पकड़ने के लिए नर्मदा तट पहुंच मार्ग के नालों एवं झाड़ियों में उसकी तलाश कर रही हे, इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम नेमावर पुलिस थाने से माञ आधा किलोमीटर दूर
सातातलाई पहुंच मार्ग के किनारे पर स्थित खेत के समीप नाले में करोंदे की झाड़ियों में शनिवार दोपहर के करीब एक बजे भालू को ग्रामीणो ने देखा ,इस बात की पुष्टि हेतु नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मंगलेश यादव , लेखपाल ओमप्रकाश यादव एवं सिध्दार्थ शर्मा से बात की तो उन्होंने बताया उन्हे भी झाड़ियों में भालू होने की जानकारी ग्रामीणों से जब मिली तो वे स्वयं चार पहिया वाहन में सवार होकर
उक्त स्थान पर पहुंचे थे जहाँ नाले में स्थित झाड़ियों में भालू जैसा जानवर नजर आ रहा था, उसी समय मोटरसाइकिल से कुछ वन विभाग के कर्मचारी भी आए थे जो कह रहे थे आसपास के जंगलों से भटककर भालू यहा सम्भवतः आया होगा
गौरतलब है कि जिस नाले में भालू देखे जाने की पुष्टि की जा रही है वह बड़ा नाला या खाल नेमावर नगर स्थित पश्चिम दिशा से ग्राम निमनपुर के पहले जाकर नर्बदाजी में मिलता है! उक्त नाले पर फारेस्ट विभाग के अधिकारियो के डेरा डालने की खबर के चलते जब मिडिया कर्मी
वहाँ पहुंचे तो फारेस्ट विभाग के कन्नौद के एसडीओ एस एल यादव,रेंजर सतवास एन एस भूरिया,रेंजर खतेगाव आर एस सिसोदिया,परिक्षेत्र सहायक टिपरास धर्मेंद्र व्यास,परिक्षेत्र सहायक सतवास सुभष राव कोलते सहित करीब 20 लोगो की टीम तैनात थी एसडीओ कन्नौद यादव ने बताया एक दिन
पूर्व हमे कणा के आसपास जंगलों में भालू की उपस्थिति का पता चला था तभी से वह आस पास के जंगलों में चला गया था! परंतु सुबह सुचना मिली नेमावर के पास भालू को देखा गया है तभी से कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया एव में स्वयं भी मौके पर पहुंचा दिन में 2 दिन पूर्व आंधी तूफान एव बारिश होने के पश्चात् भालू को धीरे धीरे नाले के सहारे नर्बदा नदी की और धकेलने का प्रयास किया गया परन्तु भालू लगभग शाम के 6 बजे निमनपुर गांव की उत्तर पश्चिम दिशा की झाड़ियों में छीप गया, रात्रि को 8 कर्मचारियों की ड्यूटी उसकी निगरानी एव सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई है !जो मौके पर रात भर उपस्थित रहेंगे उधर उज्जैन से रेस्क्यू टीम भी मोके पर पहुच गई है !यदी भालू की उपस्थिति कल पाई जाती है तो भालू को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जाएगा परन्तु सम्भवतः आज रात्रि को वह अपने निवास स्थान वन क्षेत्र में भी जा सकता है। यदि भालू किसी पर अटैक करता है तो दोनों हाथों से चेहरे को छुपाकर दोनों पैरों को मोड़कर गेंद के समान बनकर जमीन पर बैठ जाना है भालू आपको कोई नुकसान नही पहुंचाएगा इस प्रकार की हिदायत ग्रामीणों को दी गई है गौर तलब है उक्त मार्ग से होकर करीब 6 गांव के ग्रामीण नेमावर से अपने गंतव्य की और जाते है जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से उक्त बातों से अवगत कराया जा रहा है।


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