औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने साइबर ठगों के ‘डिजिटल साम्राज्य’ पर किया वज्रप्रहार
देवास | टेलीग्राम के ज़रिये शेयर मार्केट में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का सपना दिखाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम मामले में पुलिस ने 05 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि 02 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
यह कार्रवाई न केवल देवास बल्कि पूरे प्रदेश के लिए साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक सफलता मानी जा रही है।

होटल में छिपा था साइबर फ्रॉड का अड्डा
दिनांक 08 जनवरी 2026 को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि देवास के होटल श्री जी, गंगानगर में कुछ संदिग्ध व्यक्ति ठहरे हुए हैं, जो साइबर फ्रॉड से जुड़े हो सकते हैं।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीरसिंह भदौरिया एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में
थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस दबिश में खुले करोड़ों के ट्रांजेक्शन
विशेष टीम ने होटल में दबिश देकर मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन, पीयूष बिल्लोरे, शुभम जोशी, आशीष जैन उर्फ गोलू और गौरव जैन को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।
जब पुलिस ने इनके बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच की, तो करोड़ों रुपये के लेन-देन सामने आए, जिसने पूरे मामले की परतें खोल दीं।
टेलीग्राम बना ठगी का हथियार
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे—
• फर्जी नाम और पहचान का उपयोग करते थे
• टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट ग्रुप बनाते थे
• शेयर मार्केट में “गारंटीड प्रॉफिट” का लालच देते थे
• भोले-भाले लोगों से अलग-अलग खातों में पैसा ट्रांसफर करवाते थे
• रकम मिलते ही अकाउंट बदलकर गायब हो जाते थे
इस तरह वे डिजिटल स्पेस में छिपकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहे थे।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
पूछताछ में दो और आरोपियों—
• मंजीत भाटी उर्फ राज सोनी (इंदौर)
• हर्ष पुरोहित उर्फ छोटू (उज्जैन)
के नाम सामने आए, जिनके माध्यम से यह गिरोह साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
12 लाख का मशरूका जब्त, 13 लाख फ्रीज
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
• चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन व आधार कार्ड
• 06 अत्याधुनिक मोबाइल फोन (कीमत करीब 2 लाख)
• घटना में प्रयुक्त टाटा नेक्सन कार (MP22ZA1009) कीमत लगभग 10 लाख
जब्त किए।
इसके साथ ही 13 लाख रुपये की साइबर ठगी की राशि खातों में फ्रीज करवाई गई।
कानूनी कार्रवाई और रिमांड
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 21/2026, धारा 318(4), 316(5) बीएनएस
के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया।
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है और पूछताछ जारी है।
डिजिटल ट्रेल का पीछा जारी
फिलहाल पुलिस—
• तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण
• बैंकिंग नेटवर्क की जांच
• अन्य पीड़ितों की पहचान
• अंतरराज्यीय कड़ियों की पड़ताल
कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
टीम वर्क से मिली बड़ी सफलता
इस कार्रवाई में निरीक्षक शशिकांत चौरसिया, उनि राकेश चौहान, उनि राधेश्याम वर्मा, उनि नरेन्द्र अम्करे, आर. अजय जाट, आर. लक्ष्मीकांत शर्मा, आर. नरेन्द्र सिरसाम तथा साइबर सेल से प्र.आर. सचिन चौहान व प्र.आर. शिव प्रताप की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।

