हत्या का आत्महत्या दर्शाना चाहते थे, नाकाम मंसूबे, धरे गए

48 घंटे में अंधेक़त्ल का सनसनीखेज खुलासा

सीसीटीवी बना देवास पुलिस का ‘त्रिनेत्र’

देवास/खातेगांव। देवास जिले के खातेगांव क्षेत्र में एक किशोरी की जली हुई लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामला पहली नजर में आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन देवास पुलिस की सूझबूझ, तकनीकी साक्ष्यों और ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों ने सच्चाई सामने ला दी। मात्र 48 घंटे के भीतर पुलिस ने अंधेक़त्ल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

Rai Singh Sendhav

जली हुई लाश, सन्नाटा और सवालों की भरमार

12 जनवरी 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि खातेगांव की ऊषा एवेन्यु कॉलोनी के मेन गेट के पास एक किशोरी का शव जली हुई अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विक्रांत झांझोट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया।
मौके पर मौजूद मृतिका के छोटे भाई ने शव की पहचान अपनी बड़ी बहन के रूप में की। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भेजा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हत्या की परतें

डॉक्टरों की पैनल रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि पहले किशोरी की हत्या की गई, बाद में शव को जलाया गया। इसके बाद थाना खातेगांव में हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

SP के निर्देश, बनी विशेष टीम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोत ने आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती सौम्या जैन एवं एसडीओपी कन्नौद श्री आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में थाना खातेगांव पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।

सीसीटीवी बना ‘त्रिनेत्र’, झूठ ज्यादा देर नहीं छुपा

पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य, भौतिक प्रमाण और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।
ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत मिले फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। इसके आधार पर कान्हा उर्फ कन्हैया डाबर को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने अपनी भाभी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।

हत्या की खौफनाक कहानी

जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन खातेगांव में हाट-बाजार था। अधिकांश पुरुष मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे और महिलाएं बाजार में थीं।
इसी दौरान आरोपी कान्हा अपनी भाभी के साथ उसके टप्पर में आपत्तिजनक स्थिति में था, जिसे मृतिका ने देख लिया।
राज खुलने के डर से आरोपी ने मृतिका को धमकाया। जब मृतिका नहीं मानी, तो आरोपी ने मौका पाकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

आत्महत्या का नाटक रचने की साजिश

हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर साजिश रची। शव को टप्पर से बाहर निकालकर कॉलोनी के गेट के पास ले जाया गया।
आरोपी ने शव पर डीजल डालकर आग लगा दी ताकि मामला आत्महत्या लगे। इसके बाद दोनों आरोपी सामान्य व्यवहार करते हुए बाजार चले गए।
लेकिन वे भूल गए कि इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे सब देख रहे हैं।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में
01. कान्हा उर्फ कन्हैया डाबर (23 वर्ष), निवासी मांडू, जिला धार
02. महिला आरोपी (भाभी) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से गहन पूछताछ जारी है।

टीमवर्क बना सफलता की कुंजी

इस अंधेक़त्ल के खुलासे में थाना खातेगांव पुलिस टीम का सराहनीय योगदान रहा। निरीक्षक विक्रांत झांझोट, उनि नरेन्द्र सिंह ठाकुर, अभिषेक सेंगर, सीमा परमार, रमेश पचलानिया, सउनि रमेश मुनिया, प्रआर जितेन्द्र तोमर, मआर पायल, रंजीता सहित पूरी टीम की सजगता से एक जघन्य अपराध का खुलासा संभव हो सका।

संपादक

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