
देवास–सोनकच्छ में चायनीज मांझा बेचने वालों पर सख्त प्रहार, दुकानें सील, आरोपी जेल भेजे गए
देवास | प्रदेशभर में जानलेवा साबित हो रहा प्रतिबंधित चायनीज मांझा अब भी कुछ लालची सौदागरों के लिए कमाई का जरिया बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि लगातार मौतें हो रही हैं, रोज़ प्रशासनिक कार्रवाई हो रही है, फिर भी ये लोग कानून को खुली चुनौती दे रहे हैं।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह के सख्त निर्देशों के बाद देवास जिले में प्रशासन और पुलिस ने चायनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई तेज कर दी है।
स्कूटी की डिक्की में मौत का सामान, सोनकच्छ में दुकान सील
सोनकच्छ में तहसीलदार संजय गर्ग और सोनकच्छ थाना प्रभारी अजयसिंह गुर्जर की संयुक्त कार्रवाई में संदीप पिता कैलाश राठौर को स्कूटी की डिक्की में चायनीज मांझा रखकर बेचते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।
गीता भवन परिसर, एम.जी. रोड पर की गई इस कार्रवाई में—
• दो चायनीज मांझे के गट्टे जप्त
• आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस धारा 170 के तहत कार्रवाई
• दुकान को तत्काल सील किया गया
देवास में भी नहीं बख्शे गए सौदागर, सीधे जेल
देवास शहर में भी नायब तहसीलदार श्री कपील गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई की गई।
थाना कोतवाली क्षेत्र में—
• रवि पिता लीलाधर नरवरिया
• पीयूष पिता कुंदर राव मराठा
को चायनीज मांझा बेचते हुए पकड़ा गया। दोनों आरोपियों को बीएनएसएस धारा 170 के तहत जेल भेजा गया, साथ ही धारा 163 और 223 के अंतर्गत भी कार्रवाई जारी है।
हर साल मौतें, फिर भी नहीं रुक रहा ज़हर का कारोबार
चायनीज मांझा सिर्फ पतंग उड़ाने का सामान नहीं, बल्कि गला काटने वाला हथियार बन चुका है।
हर साल प्रदेश में बच्चों, युवाओं और राहगीरों की दर्दनाक मौतें इसी मांझे से होती हैं। इसके बावजूद कुछ लोग मुनाफे के लिए मौत का सौदा करने से बाज नहीं आ रहे।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि—
“चायनीज मांझा बेचने, रखने या उपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी चायनीज मांझा बिकता दिखे, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचना दें।
सवाल साफ है — जब मौतें सामने हैं, कानून सख्त है, फिर भी ये सौदागर आखिर किसके संरक्षण में फल-फूल रहे हैं?

