भगवान की कृपा से ही भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है- भगवताचार्य ओझा जी

देवास। परम पूज्य रावतपुरा सरकार के सानिध्य में चले रहे चातुर्मास व्रत अनुष्ठान के अन्तर्गत आनंद भवन पेलेस स्थल पर भगवताचार्य नारायण प्रसाद जी ओझा के मुखारविन्द से चल रही भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से ही भागवत कथा सुनने का अवसर मिलता है इसलिए इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहिये। भगवान का भोजन प्रेम है वस्तु तो मात्र निमित्त है उसमें तुम्हारा प्रेम कितना है यह समझने की बात है अगर प्रेम नहीं है तो छप्पन भोग भी बेकार है। भागवत कथा सोये हुए ज्ञान को जगाने वाली है भक्ति को बढ़ाने वाली है। श्रीमद् भागवत वेद व्यास जी महाराज द्वारा लिखी गयी है महाराज परिक्षित को इस कथा का श्रवण कराने के लिए महाराज सुखदेव जी प्रकट हुए। श्रीमद् भागवत कथा में गोविन्द की मधुर मधुर लीलाऐं का वर्णन सुखदेव जी महाराज ने किया है यह ग्रंथ मुक्ति दान की गर्जना करता है धुंधकारी जैसा पापी भी इस ग्रंथ को सुनने से मुक्त हो गया। उस परमात्मा ने अपने संकल्प से ब्रम्हा जी को सृष्टि के समस्त वेदों का बोध करा दिया था। झुठे को दिखाना व सत्य को छिपाना यह माया का खेल है। भोले बाबा कहते है कि है उमा कहूं में अनुभव अपना सत हरि नाम जगत सब सपना। जगत प्रपंच को समझना चाहिये जगत सच्चा प्रतित होता है लेकिन यह सब माया का प्रपंच होता है। इस ग्रंथ में बताया गया है कि जीव का एक मात्र परम धर्म है परमात्मा की शरणागति महाराज श्री ने कहा कि जिसका मत्सर मिट गया हो, दूसरे की उन्नती देखकर प्रसन्न होता हो वही भागवत सुनने का अधिकारी है। जीवन को अच्छा बनाने के लिये भागवत रूपी औषधि का सेवन करना चाहिये इससे आप का कल्याण होगा। भागवत कथा के दोरान सुमधुर भजनों की प्रस्तुती दी गई जिसका आनंद श्रध्दालु भक्तों ने उठाया। रूद्राक्ष का वितरण संत सिरोमणी रावतपुरा सरकार ने किया। चातुर्मास अनुष्ठान में सम्मिलित होने के लिये आज प्रदेश सरकार में पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल का आगमन हुआ। आयोजक विधायक राजमाता गायत्री राजे पवार एवं महाराज विक्रमसिंह पवार ने उनका स्वागत किया।

Rai Singh Sendhav

संपादक

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