बैलगाड़ी की दौड़ देखने उमड़े लोग

बैलगाड़ी प्रतियोगिता में 40 बैल गाड़ियों ने भाग लिया

अनिल उपाध्याय
खातेगांव। एक ओर कृषि के संसाधन इतने बढ़ते जा रहे है, जो खेती किसानी में बेलों की पूछ परख कम होती जा रही है। ऐसे में बेलों से लगाव बना रहे व पुरानी परंपरा भी कायम रहे, जो आज भी लोगो के दिलो में छाई है। बैलगाड़ी दौड़ का नाम सुनते ही लोगो के दिलो में देखने की लालसा जागती है, फिर चाहे वह व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्र का हो या शहरी क्षेत्र का। बैलगाड़ी दौड़ को देखने के लिए उत्सुक रहता है। यह दौड़ देवास जिले के कन्नौद तहसील के दूरस्थ ग्राम मुवाड़ा में देखने को मिलती है। जहाँ प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विशाल बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास व दूर दराज से 40 बैलगाड़ीयो ने भाग लिया।

Rai Singh Sendhav

इस बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता में खास बात यह रही कि, जहां एक ओर सूर्या बेल बिल्कुल विलुप्त हो गए है, वही सूर्या बेल इस दौड़ में देखने को मिले। जिनका कलर दूध की तरह सफेद, सींग हिरण की तरह व भागने में चीता की तरह तेज तर्रार। सूर्या बेल के मालिक पीयूष पटेल ने बताया यह जोड़े उसने महाराष्ट्र के चालीसगांव से खरीदे जिनकी कीमत 1लाख 5हजार है। इन बेलो की उम्र 18 महीने है। वही आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि इस तरह से बेलों के प्रति लगाव बना रहे इसलिए हम यह दौड़ प्रतिवर्ष करवाते है।
—————–

संपादक

+ posts

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks