मनुष्य को कर्म के साथ भगवत भजन भी करते रहना चाहिए – स्वामी जी

कन्नौद (कमल गर्ग राही)। हमे अपने जीवन मे कर्म के साथ ही प्रभू स्मरण करते रहना चाहिए, क्योकि खाली दिमाग मे कई विचार उत्पन्न होते हैं।

Rai Singh Sendhav

राम कथा के समापन पर स्वामी सन्त अमृत राम जी महाराज ने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि, जो यह कहते है कि हम तो समय काट रहे हैं ऐसा नही अपितु समय उन्हे काट रहा है, राम जी की राज्याभिषेक के बाद आरती कर कथा का समापन किया गया।

कथा मे नन्द किशोर मानधन्या, राजेश जोशी ,विनोद साहू ,रूपेश शर्मा, कैलाश तापड़िया, ओम भूतडा ,नरसिह बिन्दल, राजेश सिहल , शिव पटेल ,मनमोहन शास्त्री, सहित नगर कै श्राद्धलुओ का सराहनीय सहयोग रहा।

संपादक

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