दिव्यांग बच्चों के साथ अब उनकी माताएं भी बनेंगी आत्मनिर्भर

अमलतास की अनूठी पहल: हुनर सीखेंगी दिव्यांग बच्चों की माताएं, मजबूत होगा परिवार

देवास। नए साल की शुरुआत अमलतास स्पेशल विद्यालय समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल कर रहा है। यह पहल न सिर्फ दिव्यांग बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में है, बल्कि उनके साथ रहने वाली माताओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त प्रयास है।

Rai Singh Sendhav

अमलतास विशेष विद्यालय में इलाज एवं प्रशिक्षण के लिए आने वाले दिव्यांग बच्चों के साथ कई माताएं परिसर में ही रहती हैं। इन माताओं की मेहनत, संघर्ष और समर्पण को देखते हुए अब उनके लिए वोकेशनल ट्रेनिंग एवं रोजगार से जुड़ी सुविधा शुरू की जा रही है।
इस नई पहल के अंतर्गत माताओं को लिफाफे बनाना, झालर तैयार करना, गणेश जी की मूर्तियां बनाना, सजावटी एवं अन्य हस्तनिर्मित वस्तुएं तैयार करना सिखाया जाएगा। खास बात यह है कि इन उत्पादों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि बेचने की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे माताओं को उनके श्रम का उचित मेहनताना मिल सके।
अमलतास स्पेशल विद्यालय वर्षों से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा, थेरेपी और कौशल विकास का कार्य कर रहा है। यहां बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें। अब इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए बच्चों की माताओं को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह सराहनीय कदम उठाया गया है।
अमलतास वैलफेयर सोसायटी के चेयरमैन महोदय द्वारा बताया गया की यह पहल न सिर्फ आर्थिक रूप से मददगार साबित होगी, बल्कि माताओं के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देगी।

संपादक

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