
सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश, फर्जी शिकायतकर्ताओं की लिस्ट बनाकर भेजें – होगी कानूनी कार्रवाई
भोपाल। जनता की परेशानी सुनने और उसका समाधान निकालने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन अब ब्लैकमेलिंग और फर्जी शिकायतों का अड्डा बनने लगी है। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन कार्यालय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे लोगों की पहचान करें, जो झूठी शिकायतें दर्ज करवाकर अफसरों पर दबाव बनाते हैं या ब्लैकमेलिंग की कोशिश करते हैं।
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब ऐसे शिकायतकर्ताओं पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। सभी जिलों से फर्जी शिकायतकर्ताओं की सूची तैयार कर शासन को भेजनी होगी, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
बढ़ रही शिकायतें, असली समस्याएँ दब रहीं
पिछले कुछ महीनों में हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन जांच में इनमें से कई मामले झूठे निकले हैं। कुछ लोग अपनी निजी मांगें पूरी करवाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाते हैं। इससे असली समस्याएँ पीछे छूट जाती हैं और प्रशासनिक कामकाज में रुकावट आती है।
जनता को मिलेगा भरोसा, सिस्टम होगा मजबूत
सरकार का कहना है कि इस कदम से सिस्टम पारदर्शी बनेगा और जनता का भरोसा बढ़ेगा। अब कलेक्टरों को हर शिकायत की गहराई से जांच करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि मामला कितना सही है। हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत की गुणवत्ता पर नजर रखी जाएगी।
सरकार का मानना है कि सख्ती से असली जरूरतमंदों को जल्दी राहत मिल सकेगी और फर्जी शिकायतकर्ताओं पर कानून का शिकंजा कसेगा।

