ठेकेदारों का फंडा…, शराब का अवैध धंधा
शराब ठेकेदार के कर्मचारी ही करते हैं गली मोहल्ले में शराब की अवैध सप्लाई…
एक दुकान का लाइसेंस लेकर गली मोहल्ले में चला रहे दर्जनों दुकानें…

Dewas news (दिलीप मिश्रा)। शराब के अवैध कारोबार का हमेशा हल्ला मचता है। अवैध शराब के कारोबार का हल्ला भी ठेकेदार मचाते हैं। शराब के काले कारोबार की जड़ों में जाएं तो देखने में आता है की शराब का काला धंधा ठेकेदारों का ही फंडा होता है।
वीडियो में देखिए एक्सक्लूसिव स्टिंग ऑपरेशन
दरअसल शराब के काले कारोबार के पीछे शराब ठेकेदारों का हाथ होने की बातें तो समय-समय पर उठती रहती हैं लेकिन यहां हम आपको दिखाते हैं कि किस तरह शराब ठेकेदार के कर्मचारी ही गली मोहल्लों में शराब की धड़ल्ले से सप्लाई करते हैं। एक दुकान का लाइसेंस लेकर दर्जनों दुकानें गली मोहल्लों में चलवाई जाती हैं। इसके लिए ठेकेदार बाकायदा शराब के अवैध विक्रेताओं को डायरी बनाकर देते हैं। यह डायरी सिस्टम का खेल पूरा सेटिंग से होता है। आबकारी विभाग भी डायरी से बेचने वालों को नहीं छेड़ता। ज्यादा हल्ला मचने पर अगर डायरी सिस्टम से अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई होती भी है तो वह गिफ्ट के होते हैं, जो अवैध शराब कारोबारी स्वत मर्जी से दो चार बोतल का केस अपने किसी लड़के के नाम से बनवाता, यह सब कुछ बिना सेटिंग के होता हो, यह सबसे बड़ा सवाल है।
गुरुवार को हमारी टीम ने एक ऐसा ही स्टिंग ऑपरेशन किया जिसमें अवैध शराब की सप्लाई करने वाले दो लोगों ने यह खुद स्वीकार किया, कि यह अवैध शराब शराब ठेकेदार की है। करीब 20 से अधिक जगह इसी तरह मोटरसाइकिल से शराब की अवैध सप्लाई की बात भी स्वीकारी है।
गौरतलब है कि पूर्व में भी कई बार शराब ठेकेदारों की शराब पुलिस के द्वारा तो पकड़ी गई लेकिन ऐसी कार्रवाइयों से आबकारी विभाग हमेशा बचता रहा है। स्थानीय लाइसेंसी शराब ठेकेदार के संरक्षण में लंबे समय से देवास शहर में शराब की अवैध बिक्री की जा रही है। इस तरह के अवैध कारोबार में आबकारी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। शराब ठेकेदार द्वारा खुद के वाहनों से खुलेआम गली गली मोहल्ले मोहल्ले दुकानें खुलवाकर अंग्रेजी एवं देशी शराब बेची जा रही है। जिसके कारण देवास के कई क्षेत्रों में आए दिन विवाद की स्थिति भी निर्मित होती है। वीडियो में साफ नजर आ रहा है ठेकेदार के आदमी ठेके से शराब लेकर दुकानों पर बिक्री कर रहे हैं।
इस मामले में आबकारी अधिकारी रवि दुबे का कहना है कि कोई डायरी सिस्टम वैध नहीं होता। शराब ठेकेदार अगर इस तरह की कारगुजारी कर रहे हैं तो वे मामले की जांच करा कर कार्रवाई करेंगे।

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