भोरासा थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर मार्ग खुलवाया
सोनकच्छ (संदीप गुप्ता)। किसान हित में प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे सभी दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं। बीते समय में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां किसान के खेत की मिट्टी तक खरीदने की बात अपने उद्बोधन में कह चुके हैं वही वास्तविकता में मिट्टी तो दूर किसान अपनी खरे पसीने से पैदा की उपज बेचने के लिए भी लगातार संघर्ष करता नजर आ रहा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री की ताकत रहे किसान अब हताश होकर बिखरने लगे है।
शासन द्वारा विभिन्न खरीदी केंद्रों पर इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है। कई खरीदी केंद्रों पर कभी हम्मालों की समस्या, कभी वेयरहाउस में पर्याप्त जगह ना होना, कभी तोल कांटे की समस्या आदि समस्याओं से केंद्रों पर बार-बार खरीदी प्रभावित हो रही है। कई किसान खरीदी केंद्रों पर बीते छह सात दिनों से अपने वाहनों में उपज लिए हाईवे पर ही रात काटने को मजबूर हो गए।

हाइवे जाम करने का प्रयास –
सोनकच्छ एवं दौलतपुर सोसाइटी द्वारा स्थानीय हाईवे नेवरी फाटा पर स्थित श्रीराम वेयरहाउस पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है। जहां वेयरहाउस में पर्याप्त जगह नहीं होने से फिलहाल खरीदी बंद है। वही कई किसान पिछले छह-सात दिनों से अपने वाहनों को लेकर हाईवे पर रातें गुजार कर अपनी उपज बेचने की बाट जोह रहे हैं। वही कैन्द्र पर उपज नहीं तोले जाने को लेकर गुस्साए किसानों ने सोमवार शाम 4:45 पर अपने वाहनों को हाईवे पर खड़ा कर मार्ग बंद करने का प्रयास किया।
भोरासा थाना प्रभारी पहुंचे मौके पर –
नेवरी फटाफट चेक पोस्ट के माध्यम से घटना की सूचना मिलते ही भोरासा थाना प्रभारी के.के सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार रुचि गोयल व थाना प्रभारी के के सिंह के द्वारा मौके पर किसानों को समझाइश दी गई कि आप अपने ऊपर दाग ना लगाएं। सभी के उपज खरीदी जाएगी। आपकी समस्याएं जब तक हल नहीं हो जाती मैं यहां से नहीं जाऊंगा। अधिकारियों की समझाइश के बाद गुस्साए किसान माने और लगभग 15 से 20 मिनट में ही रास्ता खोल दिया गया। वही मौके पर तहसीलदार जीएस पटेल, नायब तहसीलदार रुचि गोयल व थाना प्रभारी के.के सिंह द्वारा किसानों के साथ चर्चा जारी है। बताया जा रहा है कि नेवरी फाटा पर स्थित श्रीराम वेयरहाउस में जगह समाप्त होने के चलते अब खरीदी जाम गोद वेयरहाउस या सोनकच्छ मंडी प्रांगण में प्रारंभ कराई जाने को लेकर विचार किया जा रहा है।
