उज्जैन। शादी करवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाली “लुटेरी दुल्हन गैंग” का अब पूरा भांडा फूट चुका है। भाटपचलाना पुलिस ने इस गैंग के अंतिम फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। जिले में लंबे समय से सक्रिय यह गैंग झूठी शादी का झांसा देकर रुपये हड़पने की वारदात को अंजाम दे रहा था।
कैसे हुआ था खुलासा?

22 अगस्त 2025 को खरसोदकलां निवासी रतनलाल सेन ने थाना भाटपचलाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे अपने पुत्र जितेन्द्र के लिए रिश्ता तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पहचान विष्णुबाई धाकड़ से हुई, जिसने नेहा नाम की लड़की से शादी कराने का झांसा देकर ₹1,50,000/- की मांग की।
शादी तय हुई, लेकिन बाद में पता चला कि यह पूरा खेल एक संगठित ठगी गैंग का था, जो रकम लेकर फरार हो जाता था।
पुलिस की तेज कार्रवाई
शिकायत मिलते ही भाटपचलाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 338/2025, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की।
शुरुआत में ही रामचन्द्र धाकड़, जस्सु उर्फ राजू, विष्णुबाई धाकड़ और पूजा उर्फ नेहा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
प्रकरण में फरार चल रही मुख्य आरोपिया आशाबाई गेहलोत को 25 नवंबर 2025 को जयपुर (राजस्थान) से पकड़ा गया।
अंतिम आरोपी पर 5000 रुपये का ईनाम
गैंग का अंतिम आरोपी विनोद मालवीय (पति — पूजा उर्फ नेहा) फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने उस पर ₹5000/- का इनाम घोषित किया था।
लगातार निगरानी, मुखबिरी और टीमवर्क के बाद पुलिस को सफलता मिली और विनोद को बांसवाड़ा, राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया।
अब इस लुटेरी दुल्हन गैंग के सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह चौधरी, उनि प्रतीक यादव (साइबर सेल उज्जैन), सउनि शैतान सिंह डिंडोर, आरक्षक नवीन जादम, आरक्षक विजय जाट तथा महिला आरक्षक सपना राठोर की उल्लेखनीय भूमिका रही।

