देवास। देवास शहर औद्योगिक नगरी है। इंदौर मुंबई हाईवे पर स्थित इस नगर से हजारों वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं। छोटे-मोटे कल कारखानों में भट्टियों का उपयोग अभी भी होता है। जिसके चलते पिछले समय वायु प्रदूषण में देवास काफी ज्यादा प्रदूषित शहर बताया गया था। किंतु देवास नगर निगम ने स्वच्छता वायु प्रदूषण पर काम किया जिसके बेहतर नतीजे सामने आए। वायु स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार देवास देश के 300000 से कम आबादी वाले शहरों में अव्वल आया है। इसके लिए देवास नगर निगम को अवार्ड भी प्राप्त हुआ है। वायु गुणवत्ता सर्वेक्षण में अव्वल आने के बाद अब इस स्थिति को कैसे कायम रखा जाए इस बात को लेकर नगर निगम में एक महती बैठक रखी गई। बैठक में इस बात पर चिंतन मनन किया गया किस शहर को वायु प्रदूषण से बचाने और वायु गुणवत्ता बढ़ाने के लिए क्या क्या प्रयास किए जाने चाहिए। नगर निगम सभापति रवि जैन ने शहर में वायु गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा निगम द्वारा लिये जाने वाला पार्किंग शुल्क मे इलेक्ट्रीक वाहनो पर लगने वाला पार्किंग शुल्क मे 50 प्रतिशत की छूट का प्रावधान भी रखेगें। एक्सपो, पीयूसी पर निगम द्वारा एक ईवेंट हो जिससे अधिक से अधिक जानकारी शहरवासियो को मिले। श्री जैन ने बताया कि उद्योगो से धुआं अधिक निकलने से वायु प्रदुषण होता है उस पर उद्योग विभाग से चर्चा कर सुधार लाये जाने के प्रयास अत्यंत आवश्यक है जिस पर उद्योगो से चर्चा होगी साथ ही उद्योगो के पीयूसी भी चेक होना जरूरी होगा। जिसकी मानिटरिंग नगर निगम कर्मचारी करेगें। हमारा शहर उद्योगिक क्षेत्र के बीच मे है, हमे शुद्ध वायु के लिए समाधान निकालना होगा। शहर मे चलने वाले ऐसे वाहन जो अधिक धुआं फैंक रहे है उनका पीयूसी चेक होना जरूरी हे पीयूसी नही होने पर निगम कर्मचारियो के सहयोग से ट्राफिक पुलिस के माध्यम से चालानी कार्यवाही प्रस्तावित होगी।
नगर निगम आयुक्त विशाल सिंह ने वायु गुणवत्ता मे किये जा रहे कार्यो मे सडक पर चलने वाले वाहनो मे बस, ट्रक, कार, मैजिक, लोडिंग वाहन तथा मोटर साईकिल जिससे अधिक धुआं निकलता हो उनका पीयूसी प्रमाण चेक हो तथा पीयूसी करवाना अनिवार्य हो, वाहनो को खडे होने के नियत स्थान हो व वाहन विराम की स्थिती मे नियत स्थान पर बंद खडा हो इस प्रकार के निर्णय शहरहित मे लिये जाने हेतु विस्तृत जानकारी देते हुए यह भी बताया कि अधिक से अधिक ग्रीन—री हो पीयूसी चेकिंग स्थानो पर वाहनो की चेकिंग हो तथा पहली प्राथमिकता मे निगम का स्वयं का पीयूसी सेन्टर पाईंट खोलने का निर्णय बैठक मे रखा गया तथा आयुक्त ने सर्वप्रथम निगम के वाहनो का पीयूसी चेक करने की शुरूआत करने हेतु वाहन प्रभारी को निर्देश दिये।


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