जैन परिवार ने 27 जरूरतमंद परिवारों को लिया पुन: एक माह के लिए गोद

सिद्धचक्र महापूजन कर लिया मानवसेवा का प्रेरक संकल्प
देवास। कोरोना महाआपदा के दौर में सुशीला बागमल जैन परिवार (कायथा वाला) ने मानव सेवा को ही सच्ची प्रभु सेवा मानते हुए वैशाख सुदी 11 को 51 जरूरतमंद निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को एक माह के लिए गोद लेने का अभूतपूर्व संकल्प लिया था। प्रभु कृपा से इस जिम्मेदारी का निर्वहन जैन परिवार ने पूरे समर्पण और निष्ठाभाव से पूर्ण किया। समाजसेवी मनीष जैन (कायथा वाला) ने बताया कि एक माह पूर्ण होने पर परिवारजनों द्वारा सिद्धचक्र महापूजन (वासक्षेप) का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान का आभार माना और कोरोना रूपी महाआपदा को खत्म करने एवं मानव समाज की रक्षा के लिए प्रार्थना की। इस महापूजन में जैन परिवार ने गोद लिए 51 परिवारों में से ऐसे 27 परिवारों को पुन: गोद लेने का संकल्प लिया। यह ऐसे परिवार है जिन्हें नोकरी से निकाल दिया गया और जिनके काम धंधे अभी चालू नहीं हो पाए हैं। इन परिवारों को पुन: एक माह का राशन, दूध और आवश्यक दवाइयाँ देने का निश्चय किया है।

Rai Singh Sendhav
\"\"

दिनेश साँखला ने बताया कि समाजसेवी मनीष जैन (कायथा वाला) एक योद्धा की तरह लॉकडाउन के पहले दिन से लेकर आज तक लगातार नि:स्वार्थ भाव से मानव सेवा में जुटे हुए हैं। जैन परिवार द्वारा निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को आटा, दाल, चावल, शक्कर, तेल, चाय, नमक, लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, साबुन, बिस्कीट आदि सामग्री की 12 किलो की 500 किट राशन सामग्री जैन समाज के माध्यम से और 400 किट राशन सामग्री स्वयं के खर्च से इस प्रकार लगभग 900 किट राशन सामग्री वितरित की जा चुकी हैं। और यह सेवा कार्य लॉकडाउन खुलने के बाद से आज तक निरंतर जारी है। सेवा तो कई लोग करते हैं, परन्तु इस प्रकार की अनूठी नि:स्वार्थ सेवा पूरे समाज के लिए एक प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण है।

टाइम्स एमपी के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यह लिंक क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/B7MNVPqBhog9D4hmNaNcPP

संपादक

+ posts

1 thought on “जैन परिवार ने 27 जरूरतमंद परिवारों को लिया पुन: एक माह के लिए गोद”

  1. **mitolyn official**

    Mitolyn is a carefully developed, plant-based formula created to help support metabolic efficiency and encourage healthy, lasting weight management.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks