रविवार से फिर बड़े तोल कांटे पर तोल बंद
सोनकच्छ (संदीप गुप्ता)। विगत दिनों से शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर सोनकच्छ व टोंकखुर्द तहसील में 24 कैन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी थी। वही वर्तमान में गंधर्वपुरी का खरीदी केंद्र बंद होने से शेष 23 केंद्रों पर खरीदी जारी है। इधर पर्याप्त हम्मालों की व्यवस्था ना होने से, वेयरहाउस में पर्याप्त जगह ना रहने से, कई खरीदी केंद्रों पर लगातार खरीदी प्रभावित हुई है। जिसके चलते कई किसान बीते छह सात दिनों से अपने वाहनों में उपज लिए हाईवे पर ही रात निकालने को मजबूर हो गए। कभी चिलचिलाती धूप से परेशान तो कभी बेमौसम बारिश की फुहारों से परेशान किसान बस हर घड़ी अपनी उपज तौले जाने की आस लगाए बैठा है। वहीं जानकारी अनुसार बीते बुधवार तक तो सोनकच्छ तहसील के लगभग 1600 किसान ऐसे थे। जिनका पंजीयन हो चुका लेकिन उन्हें अभी तक मैसेज ही प्राप्त नहीं हुआ है।

रविवार से बंद पड़ा बड़े कांटे पर तोल –
समर्थन मूल्य पर की जा रही खरीदी को गति देने के लिए बीते शनिवार को स्थानीय मंडी प्रांगण में पहुंचकर विधायक सज्जन सिंह वर्मा द्वारा किसानों की समस्या से जिले के अधिकारियों को दूरभाष पर अवगत कराते हुए बड़े तोल कांटे पर तोल प्रारंभ किए जाने की बात कही थी। इधर वर्मा से दूरभाष पर की गई चर्चा के महज 2 घंटे बाद ही आला अधिकारियों ने स्थानीय मंडी प्रांगण में पहुंचकर विपणन सेवा सहकारी समिति प्रबंधक को बड़े तोल कांटे पर तोल कराए जाने के लिए निर्देशित कर, तोल प्रारंभ कराया गया था। लेकिन शनिवार को मात्र 1 से 2 घंटे बड़े तोल कांटे पर तोल प्रारंभ हुआ और पुनः बंद कर दिया गया। जिसके बाद रविवार व सोमवार एवं मंगलवार को तीनों दिन बड़े तोल कांटे पर तौल नहीं किया गया। यदि बड़े तोल कांटे पर शनिवार से निरंतर अभी तक तोल जारी रहता तो क्षेत्र के किसानों को अभी तक बड़ी राहत मिल जाती कई केंद्रों से भीड़ खत्म हो जाती।
वर्मा के जाते ही ये हुआ –
बीते शनिवार दोपहर में विधायक वर्मा से की गई चर्चा के पश्चात जिले के अधिकारी जब खरीदी केंद्र पर बड़े तोल कांटे पर तोल प्रारंभ कराने गए थे। तब तोल प्रारंभ किए जाने पर हम्मालों द्वारा हड़ताल पर जाने की बात कही गई थी। जिसके बाद मौके पर अधिकारियों द्वारा बड़े तोल कांटे पर तोल प्रारंभ होने से नाराज हम्मालो से भी सामांजस बैठा कर बड़े तोल कांटे पर तोल के लिए सबको राजी भी कर लिया गया था। वही व्यापारियों ने भी कह दिया था कि हम सौदा पत्रक के माध्यम से खरीदी कर लेंगे। हमारे क्षेत्र का किसान परेशान ना हो इनकी व्यवस्था पहले हो जाए। लेकिन तब भी बीते शनिवार को बड़े तोल कांटे पर महज 29 ट्राली माल तोल कांटा बंद कर दिया गया।
तोल कांटे बढ़ा दिये गये –
शनिवार को सिर्फ 1 से 2 घंटे के लिए बड़े तोल कांटे पर तोल शुरू करते हुए 29 ट्रालियों का माल तोला गया। वहीं रविवार और सोमवार को फिर से छोटे तोल कांटे से तोल प्रारंभ किया गया। जिसके बाद संस्था द्वारा मंगलवार को लगभग 10 छोटे कांटे मंडी प्रांगण में लगा दिए गए। जिनसे तौल कर फिलहाल खरीदी की जा रही है।
वर्मा के निर्देशों को हवा कर गए प्रबंधक ! –
बीते शनिवार को विधायक सज्जन सिंह वर्मा स्थानीय कृषि उपज मंडी प्रांगण में पहुंचकर खरीदी केंद्र पर उपस्थित किसानों से रूबरू हुए थे। वहीं विधायक वर्मा से चर्चा के बाद कॉपरेटिव बैंक के एमडी मुकेश बारछे, डिप्टी कलेक्टर शिवानी तरेटिया, डीआर मनोज गुप्ता द्वारा खरीदी केंद्र पर पहुंचकर बड़े तोल कांटे पर तोल प्रारंभ कराया गया था। लेकिन अचानक एक ही रात में ऐसे समीकरण बदले की सारी व्यवस्थाएं फिर से अव्यवस्था में बदलती नजर आने लगी। शनिवार को 1 से 2 घंटे बड़े तोल कांटे पर तोल करने के बाद तोल बंद कर दिया। जिसे लेकर किसानों के बीच चर्चा बनी थी कि संस्था के प्रबंधक तो विधायक की भी नहीं चलने दे रहे हैं। सूत्र कहते हैं कि प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी शिवानी तरेटिया को संस्था के प्रबंधक द्वारा पत्र लिखकर बड़े तोल कांटे पर तोल के दौरान माल के घट जाने की बात कही गई है। जिसके बाद से बड़े कांटे का तोल बंद कर दिया गया।
यह भी जन चर्चा –
खरीदी केंद्र पर किसानों के बीच बड़े कांटे पर तोल बंद होने के बाद फिर से छोटे कांटों पर अपनी उपज बेचने के 1000, 2000 रू बांटो जैसी चर्चाएं चलती रही।
प्रभारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी बोले –
इधर रविवार से बड़े तोल कांटे पर तोल बंद किए जाने की बात को लेकर प्रभारी जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी शिवानी तरेटिया ने कहा कि हम्मालों की समस्या आ रही थी। हम्मालों ने हड़ताल पर जाने की बात कही थी। हम्माल ही काम नहीं करते तो काम कैसे चलता। हमारे द्वारा आज से 9 छोटे कांटों पर तोल प्रारंभ करा दिया गया है।
