कन्नौद–गढ़वाय मार्ग पर पेचवर्क नहीं होने पर GM को नोटिस के निर्देश…
गड़बड़ी पाए जाने पर हो सकती है विभागीय जांच…
देवास। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत जिले में बनाए गए मार्गों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समय-सीमा संबंधी बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि PMGSY के अंतर्गत बनी कई सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जो निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।
कलेक्टर ने कन्नौद–गढ़वाय मार्ग पर पेचवर्क कार्य नहीं होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए PMGSY के जनरल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में हुई लापरवाही सीधे आम जनता की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि PMGSY के तहत जिले में बनाए गए सभी मार्गों की तकनीकी और भौतिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह रिपोर्ट डिप्टी कलेक्टर ऋतु चौरसिया को सौंपी जाएगी। यदि जांच में गुणवत्ता में कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों पर विभागीय जांच की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से सड़क उखड़ने, गड्ढे होने और समय पर मरम्मत नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

कन्नौद–गढ़वाय मार्ग क्यों बना सवालों के घेरे में
• PMGSY के तहत निर्मित प्रमुख ग्रामीण मार्ग
• पेचवर्क कार्य निर्धारित समय में नहीं हुआ
• सड़क की हालत को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें
• निरीक्षण और निगरानी में विभागीय शिथिलता के आरोप
PMGSY सड़कों को लेकर क्या दिए गए निर्देश
• सभी PMGSY मार्गों की जांच अनिवार्य
• तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के आदेश
• गड़बड़ी मिलने पर विभागीय जांच
• जवाबदेही तय कर कार्रवाई के संकेत
क्यों अहम है यह कार्रवाई
• ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन इन्हीं सड़कों पर निर्भर
• खराब सड़कें दुर्घटनाओं का कारण
• करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता पर सवाल
• पहली बार GM स्तर पर नोटिस के निर्देश

