देवास। जिला पुलिस कंट्रोल रूम में शनिवार को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में वर्षांत से पहले लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण, तकनीकी उपयोग और जनसहभागिता को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अक्टूबर और नवंबर माह के सर्वश्रेष्ठ थानों एवं उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।

इस दौरान सबसे अधिक सुर्खियाँ बटोरीं प्रधान आरक्षक 770 शिवप्रताप सिंह सेंगर और आरक्षक 676 नवदीप महाजन ने, जिन्हें उनकी त्वरित और परिणामकारक कार्रवाई के लिए “सर्वश्रेष्ठ पुलिसकर्मी” सम्मान से नवाजा गया।
अक्टूबर माह में, छतरपुर के सराफा व्यापारी के मुनीम से ₹1.25 करोड़ की चोरी की वारदात ने पूरे जिले को हिला दिया था। सोनकच्छ क्षेत्र में बस से बैग चोरी कर आरोपी फरार हो गए थे। थाना प्रभारी प्रीति कटारे के निर्देशन में शिवप्रताप सिंह सेंगर ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की और पुलिस टीम को साथ लेकर मात्र 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली। उनकी यह कार्यकुशलता देवास पुलिस की त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण मानी गई।
इसी प्रकार नवंबर माह में आरक्षक नवदीप महाजन ने इंदौर-देवास बायपास पर हुई लूट की गंभीर वारदात में अहम भूमिका निभाई। फरियादी अखिलेश विश्वकर्मा से बाइक, लैपटॉप, मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज लूटे गए थे। नवदीप महाजन ने लगातार फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की और उन्हें गिरफ्तार करवाते हुए पूरे मश्रुका की बरामदी कराई।
बैठक के दौरान जिलेभर के थानों की रैंकिंग जारी की गई, जिसमें अक्टूबर में सिविल लाइन थाना और नवंबर में विजयागंज मंडी थाना प्रथम रहे। अनुभागों में दोनों माह में नगर पुलिस अधीक्षक देवास श्री सुमित अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी सम्मानित अधिकारियों-कर्मचारियों की सराहना करते हुए बेहतर कार्य की इसी गति को बनाए रखने की अपील की।

