देवास। शहर की नाहर दरवाजा पुलिस ने एक दिलचस्प मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें फरियादी ने खुद की मोटरसाइकिल चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। वजह थी—किश्त न भर पाने की परेशानी! पुलिस ने डेढ़ साल की मेहनत के बाद जब बाइक बरामद की, तो वह उसी व्यक्ति के पास से निकली जिसने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी।

दरअसल, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष कार्रवाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जुलाई 2024 में फरियादी अभिजित देव पिता शशिकांत देव (44 वर्ष), निवासी सन सिटी-2 देवास ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी मोटरसाइकिल (क्रमांक MP41ZD1488, सुजुकी जीक्सर) मछली मार्केट, मीठा तालाब क्षेत्र से चोरी हो गई है। मामले में थाना नाहर दरवाजा में अपराध क्रमांक 250/2024, धारा 379 भादंवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
सीएसपी सुमित अग्रवाल और थाना प्रभारी मंजु यादव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और लगातार निगरानी के बाद आखिरकार 31 अक्टूबर 2025 को सच उजागर कर दिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने फरियादी अभिजित देव के ही कब्जे से वही मोटरसाइकिल बरामद कर ली, जिसकी चोरी की रिपोर्ट उसी ने दर्ज कराई थी।
पूछताछ में अभिजित ने स्वीकार किया कि उसने अपना सिविल स्कोर खराब होने के कारण मोटरसाइकिल अपने दोस्त प्रतीक देशमुख के नाम से फाइनेंस कराई थी। किस्तें समय पर न भर पाने पर जब प्रतीक ने पैसे मांगे तो उसने फंसने से बचने के लिए बाइक चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने वाहन जप्त कर अभिजित देव के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोटरसाइकिल की कीमत लगभग ₹1.26 लाख आंकी गई है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी श्रीमती मंजु यादव, प्रआर भगवान सिंह राठौर, आरक्षक विकास पटेल और विशाल की विशेष भूमिका रही।

